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नेपाल से शिमला घूमने पहुंचे महिलाओं-बच्चों को RTO ने क्यों लौटाया नेपाल बैरंग वापिस

गोविन्द घाट बैरियर पांवटा में 10 घंटे फंसी रही दिल के इलाज को पहुंची नेपाली महिला

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न्यूज़घाट/पांवटा साहिब

हिमाचल सीमा गोविन्द घाट बैरियर पांवटा साहिब पर नेपाल से घूमने पहूंचे महिलाओं व मासूम बच्चों को RTO विभाग ने टैक्स वसूलने के बावजूद बैरंग वापिस भेज दिया। इन टूरिस्ट में एक महिला नेपाल से IGMC में अपने इलाज के लिए भी पहुंची थी।

RTO विभाग की 10 घंटे चली जांच की प्रताड़ना महिलाओं बच्चों व मरीजों को झेलनी पड़ी है। इतना ही नहीं इस बस में एक महिला का आइजीएमसी में इलाज भी चल रहा है उसे भी इस विभागिए प्रक्रिया में कई घंटे भूखे प्यासे गुजारने पडे।

नेपाल निवासी लक्षमण ने बताया कि पांवटा साहिब गोविन्द घाट बैरियर पर उनकी बस साढ़े दस बजे सुबह पहुंची थी। यहां स्थित RTO विभाग के कार्यलय में टैक्स जमा करवाने पहुंचे तो वहाँ मौजूद कर्मचारी ने 25 हजार टैक्स और 10 हजार एक्सट्रा फीस की डिमांड की इतने पैसे हमारे पास नही थे। जिसके बाद विभाग ने हमसे अॉन लाइन साढे़ 3 हजार का टैक्स भी प्राप्त किया। अब जब उनकी बस आगे जाने लगी तो एक अधिकारी का फोन आ गया। जिसके बाद उन्हें आगे नही जाने दिया गया।

वहीं सुत्रों ने बताया कि विभाग को प्राइवेट बस पैसेंजर यूनियन की और से शिकायत मिल रही थी। नेपाल से आ रही भारतीय परमीट के साथ पैसेंजर बसों से उनके धंधे पर सीधा असर पड़ रहा था।

क्या रहे विभागीय कारण

बस को वापिस भेजने के दो कारण बताए गए हैं। पहला कारण ड्राइवर के लाइसेंस का न होना और दूसरी पैसेंजर लिस्ट पर भारतीय स्टैम्प का न होना। दरअसल नेपाल में स्मार्ट लाइसेंस बनाने के लिए ड्राइवर ने लाइसेंस अथोरिटी नेपाल में अपना लाइसेंस जमा करवाया है और वहाँ से प्राप्त रसीद उसके पास थी। जिसे RTO ने मानने से इनकार कर दिया। वही दूसरी बात पैसेंजर लिस्ट रही जो की भारतीय अथोरिटी के बिना स्टैम्प के थी।

क्या बोले अधिकारी

वही आरटीओ सुनील शर्मा का कहना है कि ड्राइवर के पास लाइसेंस नही था। ड्राइवर ने लाइसेंस अथॉरिटी नेपाल में अपना लाइसेंस जमा करवाया है और वहाँ से प्राप्त रसीद उसके पास थी। दूसरे नेपाल से पहूंची पैसेंजर लिस्ट भी हाथ से बनाई गई है।
इस लिए हादसों को देखते हुए व सुरक्षा की दृष्टि से बस को हिमाचल सीमा में प्रवेश नही करने दिया गया है।

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