स्टोन क्रशर को लेकर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, लामबंद होते हुए किया ये ऐलान

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आशीष गुप्ता। दाड़लाघाट
पलोग(मांझू) पंचायत के खनलग गांव में अवैध रूप से चले स्टोन क्रैशर को प्रशासन द्वारा बन्द करने के निर्देश के बाद अब उपमंडल की ग्राम पंचायत बसन्तपुर के गांव भेल में लगने वाले स्टोन क्रैशर को बंद करवाने के लिए स्थानीय लोग लामबंद हो गए है। इसके लिए उन्होंने एसडीएम अर्की छवि नांटा को ज्ञापन देकर इसे तुरंत प्रभाव से बन्द करवाने का आग्रह किया है।

गौरलतब है इस क्रैशर को लगाने की प्रक्रिया करीब छः सालों से चली है। शिकायतकर्ता जय प्रकाश,प्यारेलाल,प्रेम,नरपत,बिट्टू,कृष्ण चंद,रोशन लाल,देवीराम का कहना है कि 21 जनवरी 2013 को आयोजित पंचायत की ग्राम सभा में गांव भेल में जय माँ कमाक्षा कंस्ट्रक्शन कंपनी को स्टोन क्रेशर लगाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र की मंजूरी दी थी।लेकिन इसके बाद लोगों ने इस क्रैशर को बंद करवाने के लिए कई मर्तबा एसडीएम अर्की,उपायुक्त सोलन,मुख्यमंत्री व पर्यावरण मंत्रालय को पत्राचार किया लेकिन इसको लेकर कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।लोगों का कहना है इस स्टोन क्रैशर के लगने से ध्वनि व वायु प्रदूषण के कारण जहाँ गाँव व आसपास के लोगों को परेशानी होगी वहीँ प्राकृतिक जल स्त्रोत,कृषि भूमि को भी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इस क्रैशर के लगने से प्राइमरी स्कूल भेल में पढ़ने वाले करीब दो दर्जन बच्चों की शिक्षा पर भी प्रभाव पड़ेगा।

इस संदर्भ में एसडीएम अर्की छवि नांटा ने कहा कि बसन्तपुर पंचायत के गांव भेल में लगने वाले स्टोन क्रैशर को बंद करवाने को लेकर पंचायत का प्रतिनिधि मंडल उनसे मिला था। इसको लेकर उन्होंने खनन विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर पूरी स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए है। बसन्तपुर पंचायत की प्रधान आशा देवी का कहना है 2013 में पंचायत ने उस समय की परिस्थिति को देखते हुए क्रैशर लगाने की एनओसी दी गयी थी।लेकिन पांच साल बाद अब लोग अगर इस पर अपनी आपत्ति जाहिर कर रहे है तो मैं उनके साथ हूँ।

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