सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर शिक्षा विभाग इन एक्शन, इन प्रवक्ताओं को भेजा बैकफुट पर

करीब दस साल से अधिक प्रोमोशन का लाभ लेने वाले प्रवक्ता अब बने हेडमास्टर

अंजलि त्यागी। नाहन
गत वर्ष एक्स सर्विस सिन्योरिटी के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने के मुददे पर फैसला आने के बाद शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट के आदशों को अमलीजामा पहनाने में लग गया है, इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के करीब 11 प्रवक्ताओं को उनके वर्तमान पद से हटा कर वापस उसी पद पर भेज दिया गया है।

बता दे इस लिस्ट में ऐसे प्रवक्ता शामिल है जिन्हे वर्ष 2008 में पदोन्नत किया गया था। यही नही कुछ प्रवक्ता तो अपनी सेवाओं से रिटायर भी हो चुके है। ऐसे में पदोन्नति को रदद् करना इन शिक्षकों के लिए किसी बड़ी घटना से कम नही होगा। जिसमें अमित कुमार,सुरेश कुमार, शंकर नरायण,सरदारी लाल, हरबिंदर सिंह,पारस राम, बलदेव राज,ओकार चंद, हेमराज, देशराज व अनिल कुमार को प्रवक्ता पद से हटाकर हेडमास्टर बना दिया गया है। अब इन शिक्षकों को पदोन्नति के बाद का मिलने वाला लाभ भी रदद् हो गया है।

बता दे एक्स सर्विस की सिन्योरिटी के आधार पर पदोन्नत किया जाने के मुददे पर एक्स सर्विस कर्मचारी गत वर्ष मुकदमा हार गए थे, जिसमें पहले आचार सहिंता लागू होने व नई सरकार बनने के बाद अब तक ये मामला लटका रहा। परंतु अब शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर गभींरता से एक्शन ले रहा है। जिसमें सिर्फ प्रवक्ता वर्ग में ही नही अपितु जेबीटी, टीजीटी, सीएडवी वर्ग में एक्स सर्विस सिन्योरिटी के आधार पर पदोन्नती पाने वाले शिक्षकों को भी जल्द ही वापस उसी निचले पद पर भेजा जाएगा।

- VISHAL GARMENTS -

बता दे पूरे प्रदेश में शिक्षा विभाग में सैकड़ो एक्स सर्विस के आधार पर वरीष्ठता का लाभ पाने वाले कर्मचारी है, जिन्हे अब वापस डिमोट किया जा रहा है, जिसमें वे शिक्षक खुश भी है जिन्हे एक्स सर्विस की सिन्योरिटी के कारण पदौन्नति नही मिल सकी।

सेवानिवृत भत्तों में होगा संसोधन, वेतन की भी होगी रिकवरी
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से एक्स सर्विस की वरिष्ठता का लाभ पाने वाले सभी कर्मचारियों को डिमोट किए जाने से अब पदोन्नति होने के बाद लिए गए वेतन की भी रिकवरी की जा सकती है। यही नही उच्च पद से सेवानिवृत भत्तों में भी संसोधन कर निचले पद के आधार पर भत्ता दिया जाएगा। जिससे ऐसे शिक्षकों को आर्थिक नूकसान भी सहना पड़ सकता है।

अन्य कर्मचारियों में खुशी का माहौल
इस बारे में प्रदेश के अन्य कर्मचारियों से जब बात की गई तो उन्होने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सही है। एक्स सर्विस कर्मचारी को एक्स सर्विस के आधार पर वरिष्ठ मान कर पदोन्नत किया जाता रहा है जिसमें वर्ष 2001 में नियुक्त शिक्षक को नजरअंदाज कर वर्ष 2002 में नियुक्ति पाने वाले एक्स सर्विस मैन को पदौन्नति का लाभ मिल जाता था जोकि अन्य कर्मचारियों के लिए भेदभाव पूर्ण था। उन्हे खुशी है कि अब ऐसा नही होगा जबकि पात्र कर्मचारी वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नत किया जा सकेगा।

क्या कहते है अधिकारी?
इस बारे में वरूण शर्मा, प्रदेश अतिरिक्त शिक्षा सचिव हिप्र ने बताया कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार ही लिया गया है। इसके अलावा अन्य वर्ग में एक्स सर्विस मैन वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने वाले शिक्षकों की भी पदोन्नति को रदद् किया जाएगा। जिसमें विभाग सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अधीन ही कार्य करेगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.