सिरमौर के शिलाई से बड़ी खबर, एक ही गांव में 3 नाबालिग लड़कियां गर्भवती

महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग बना अंजान, एक नाबालिग की उम्र महज 15 साल, बिगड़ी तबीयत

अशोक बहुता। पांवटा साहिब
शिलाई क्षेत्र के एक गांव  में तीन नाबालिग बच्चियों के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। जिनमें एक लड़की की उम्र महज 15 वर्ष बताई जा रही है। यह लड़की आठ माह की गर्भवती है। भले ही जिला सिरमौर का महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग इस बात से अंजान बन रहा हो। लेकिन इस विभाग के नाक के नीचे नाबालिग लड़कियों का न केवल शौषण हो रहा है बल्कि उन्हें गर्भवती तक कर दिया गया।

सिरमौर में तीन नाबालिग लड़कियों के गर्भवती होने के मामले सामने आए हैं। (काल्पनिक नाम) शोभा की उम्र 15 वर्ष है और आठ माह की गर्भवती है । वहीं (काल्पनिक नाम) कविता और पूनम 16 और साढ़े 17 वर्ष की हैं यह भी सात और आठ माह की गर्भवती है । फिलहाल डाक्टर्स ने इनकी डिलीवरी के लिए अगस्त और सितम्बर माह की डेट दी । इतना ही नहीं कम उम्र में गर्भवती होने के कारण इनकी जान जोखिम में भी आ सकती है।

कहाँ हुई लापरवाही
तीन नाबालिग लड़कियों के गर्भवती होने के बाद महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग  की कार्यकर्ता को इसकी भनक लग गई थी लेकिन आपसी सम्बंध बनाए रखने के चक्कर में इन नाबालिग लड़कियों की जिन्दगी दांव पर लगा दी गई । कुछ सवाल महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग कर्मचारियों पर भी खड़े हुए है। क्या ऐसा हो सकता है एक ही गाँव में तीन-तीन नाबालिग लड़कियें जिनमें 15 वर्ष की बच्ची गर्भवती हो जाएँ और वहां दिन रात काम करने वाली कार्यकर्ता व सुपरवाइजर को पता न चले ?

- VISHAL GARMENTS -

क्या बोली CDPO सुपरवाइजर
गौर हो की ऐसे मामलों को रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग की सीधी जिम्मेदारी बनती है । इस बारे में क्षेत्र की सुपरवाइजर कला देवी ने बताया की उनकी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इन तीनों लड़कियों के घर गई थी उस वक्त तीनों लड़कियों ने अपनी उम्र 19 वर्ष बताई थी जब इनसे उम्र का प्रमाण पत्र मांगा गया तो उनके पास कोई प्रमाण पत्र नहीं था । हालाँकि की उन्होंने माना की उन्हें समय रहते पुलिस को जानकारी देनी चाहिए थी।

क्या बोले CDPO
इस मामले में जब महिला एवं बाल विकास विभाग पांवटा साहिब के CDPO (अतिरिक्त कार्यभार शिलाई) रूपेश ने बताया की यह मामला उनके संज्ञान में वीरवार को ही आया कायदे से हमारे विभाग के लोगों को तुरंत जांच कर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवानी चाहिए थी । ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस में मामले दर्ज करवाए जाने चाहिए फिलहाल पहले इस मामले में विभागीय जांच की जाएगी ।

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