80 प्रतिशत हिमाचलियों को रोजगार दें उद्योग, वर्ना पंचायत प्रतिनिधि करेंगे कार्रवाई

सीएसआर फंड का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर होना चाहिए

न्यूजघाट टीम। नाहन
कालाआंब बीडीसी मेम्बर नीरज चौहान ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की घोषणा के अनुरूप सभी उद्योगों में 80 प्रतिशत हिमाचलियों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए सिरमौर जिला प्रशासन से आग्रह किया है। नीरज चौहान ने कहा कि कालाआंब और पावंटा क्षेत्र में हजारों की संख्या में कामगार कार्यरत हैं किन्तु हिमाचल के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने में उद्योग प्रबन्धन आनाकानी करते हैं। नीरज चौहान ने कहा कि हिमाचलियों को उद्योगों में 80 प्रतिशत रोजगार प्रदान करने के मुख्मंत्री के निर्णय का क्रियान्वयन जिला प्रशासन, श्रम अधिकारी, जिला रोजागर अधिकारी और जिला उद्योग केन्द्र की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल के हजारों कुशल और गैर कुशल युवाओं को अपने ही क्षेत्र में नौकरियों के भटना पड़ रहा है जबकि बाहरी राज्य के लोगों को उद्योंगों उद्योगों में आसानी से काम मिल रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और उद्योग विभाग से आग्रह किया कि जितने भी कामगार उद्योगों में कार्यरत हैं उनका ईपीएफ कटवाया जाए क्योंकि अधिकतर उद्योग कामगारों के इपीएफ कटवाने से गुरेज करते हैं जिससे कामगारों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसके साथ ईएसआई की सुविधा भी सभी कामगारों को मिलनी चाहिए ताकि उनके परिवारांे को सुरक्षा हो सके। बीडीसी सदस्य ने कालाआंब क्षेत्र के कुछ उद्योगों द्वारा पर्यावरण को बिगाड़ने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कुछ उद्योग अपने प्लांट का गंदा पानी मारकंडे और दूसरे खडडों में बहाते हैं जिससे पेयजल दूषित होने के साथ पर्यावरण को भारी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

नीरज चौहान ने कहा कि उद्योगों को अपने सीएसआर यानि कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबलिटी के तहत हर वर्ष आवश्यक रूप से 2 प्रतिशत धनराशि सोशल कार्य में खर्च करना अनिवार्य है जबकि उद्योग इस जिम्मेवारी से मुंह मोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों का बोझ स्थानीय लोग उठाते, स्थानीय लोगों के संसाधनों का इस्तेमाल उद्योग करते हैं और उद्योगों द्वारा उनके लिए कुछ भी नहीं किया जाता है।

- VISHAL GARMENTS -

बीडीसी मेम्बर नीरज चौहान ने श्रम अधिकारी और जिला रोजगार अधिकारी से आग्रह किया है कि शीघ्र ही सभी उद्योगों में हिमाचलियों की रोजगार सूची बनवाई जाए, सभी को ईपीएफ सेवा के तहत लाना सुनिश्चित बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि उद्योगों में 80 प्रतिशत हिमाचलियों को रोजगार देने के मामले पर अपने स्तर पर भी लगातार नजर बनाए रखेंगे और आने वाले समय में सभी उद्योगों से हिमाचलियों को रोजगार का आंकड़ा अपने स्तर पर जुटाया जाएगा।

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