केंदुवाल कचरा डंपिंग साईट से निपटने के लिए दो पंचायतों ने बनाई संघर्ष समिति

चरणदास बने प्रधान, धर्मपाल कौशिक बने महासचिव

न्यूज़घाट टीम। बद्दी

पर्यावरण को बचाने व स्वच्छ वायु और स्वच्छ पानी के अधिकार के लिए मलपुर व संडोली पंचायत के निवासियों ने पर्यावरण संगर्ष समिति नाम मंच का गठन किया जिसकी कमान चरणदास को सौंपी गई वहीं डाक्टर धर्मपाल को संगर्ष समिति का महासचिव नियुक्त किया गया , इसके अलावा सुखदेव उपाध्यक्ष व रफीक को सह-सचिव नियुक्त किया गया ।

महासचिव डाक्टर धर्मपाल कौशिक ने बताया कि यह कदम लोगों ने इलाके में गैर कानूनी कचरा डंपिंग के खतरों और बेकार पड़े सी.ई.टी.पी. बजह से लगातार बढते प्रदूषण को देखते हुए लिया व बुधवार को हुई जनप्रतिनिधियों व बी.बी.एन.डी.ए. अधिकारियों की केंदुवाला डंपिंग साईट को लेकर हुई बैठक से असंतुष्टि जताई । उन्होंने बताया कि समिति ने केंदुवाला में बद्दी शहर के ठोस अवशिष्ठ कचरों को खुले में डंप करने के लिए जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों पर कार्यवाही करने के लिए विचार विर्मश किया। सुखदेव सिंह निवासी मलपुर व समिति के उपाध्यक्ष ने बताया कि केंदुवाला में अभी ुाले में कचरे का ढ़ेर लगाया जा रहा है जो कि पूरी तरह गैर कानूनी है। इसकी बजह से इलाके में सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। इस जगह पर बी.बी.एन.डी.ए. ने 10 करोड़ के करीब एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन सुविधा लगानी थी ।

बी.बी.एन.डी.ए. को वर्ष 2015 में पर्यावरण मंत्रालय के लिए एकीकृत ठोस प्रबन्धन सुविधा के लिए पर्यावरण मंजूरी मिली थी व इस योजना के लिए 9.7 करेाड़ की लागत का अनुमान लगाया गया था। जिसमें कचरे के अधिग्रहण, कंपोस, सुरक्षित लैंडफिलिंग व रिसाव संग्रह ईकाई आदि बनाने की योजना थी लेकिन धरातल में कुछ भी नहीं हुआ । विभागों की इस लापरवाही के लिए डी.सी. सोलन , एस.डी.एम. नालागए़ , सचिव शहरी विकास , प्रदूषण नियंत्रण बोड्र व पर्यावरण मंत्रालय को 19 जुलाई 2018 को पत्र को भेजकर गैर कानूनी डंपिंग पर रोक लगाने व जगह की तत्काल सफाई करने की मांग उठाते हुए कहा कि असंवैधानिक कचरा डंपिंग न केवल आसपास के पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा है बल्कि डंपिंग साईट के पास रह रहे पांच गुज्जर परिवारों के 32 सदस्यों के लिए भी जानलेवा है। वहीं इसके आसपास की पंचायतों के गांवों के दर्जनों लोग भी इसके चलते बीमारियों की चपेट में आ गये हैं। अगर प्रशासन ने जल्द इस कचरा डंपिंग को यहां से नहीं उठाया गया तो संगर्ष समिति अदालत का दरवाजा खटखटाएगी ।

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